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Wednesday, August 10, 2022

अँधेरा भागा

अँधेरा भागा
उषा का आगमन
देख न सका
-स्वराज सिंह
(हाइकु कोश)

अँधेरा बढ़ा

अँधेरा बढ़ा
सब डूबते गए
‘मैं’ कहाँ बचा!
-डॉ. नईम साहिल
(हाइकु कोश)

अँधेरा बड़ा

अँधेरा बड़ा
या उजाला बड़ा है?
प्रश्न कड़ा है
-सुरेश गुप्त ‘सीकर’
(हाइकु कोश)

अँधेरा फिरे

अँधेरा फिरे
लौटने का संदेश
हवा में तिरे
-सुजाता शिवेन
(हाइकु कोश)

अँधेरा नहीं

अँधेरा नहीं
रोशनी छलावा थी
भेदभाव की
-सिद्धेश्वर
(हाइकु कोश)

अँधेरा नहीं

अँधेरा नहीं
उजाला डराता है 
चोर मन को
-अर्बुदा पाल
(हाइकु कोश)

अँधेरा घिरे

अँधेरा घिरे
व्याकुल–सा जुगनू
भटका फिरे
-डॉ. कुँवर दिनेश सिंह
(हाइकु कोश)

अँधियारे में

अँधियारे में
बातें करती बूँदें
थकी न रात
-राधेश्याम
(हाइकु कोश)

अँधियारे की

अँधियारे की 
फलियाँ छीलती है
कोने में भोर
-डॉ. शैल रस्तोगी 
(हाइकु कोश)