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Thursday, September 28, 2023

अचेत नदी

अचेत नदी
बिन माँ के बच्चों–सी
सुबके रेत

-नरेन्द्र श्रीवास्तव

Thursday, February 23, 2023

लगा के टीका

लगा के टीका
माँ काजल को सौंपे
सुरक्षा-ठेका

-हंस जैन

Wednesday, February 22, 2023

फंदे बुनते

फंदे बुनते 
सलाइयों के साथ
माँ का दुलार 

-ममता शर्मा

आँखों में नमी

आँखों में नमी
बेगाना कोई घर
अम्मा की कमी
–रोहित कुमार हैप्पी

आँखों में देख

आँखों में देख
पढ़ लेती मन को
आज भी अम्मा
-योगेन्द्र वर्मा

Monday, October 17, 2022

आँखें छलकें

आँखें छलकें
सुधियों में आए माँ
दिन-त्योहार
-डॉ. सुधा ओम ढींगरा

Tuesday, September 27, 2022

अम्मा की लोरी

अम्मा की लोरी
पलकों पर नींद
भीगे फाहे–सी
-इन्दिरा किसलय

अम्मा की पाती

अम्मा की पाती
कुशलक्षेम लिखा
दर्द ही दिखा
-बिन्दूजी महाराज बिन्दू

Thursday, August 11, 2022

अचेत नदी

अचेत नदी
बिन माँ के बच्चों-सी
सुबके रेत
-नरेन्द्र श्रीवास्तव
(हाइकु कोश)

अक्षांश भिन्न

अक्षांश भिन्न
फिर भी धरती है
हर कहीं ‘माँ’!
-धर्म जैन
(हाइकु कोश)

Wednesday, August 10, 2022

अँजुरी भर

अँजुरी भर
मायके का दुलार
माँ का खोंइचा
-आराधना झा श्रीवास्तव
(हाइकु कोश)

अँगीठी पर

अँगीठी पर
माँ खुद को पकाती
ख़्वाब बुनती
-डा. सूरजमणि स्टेला कुजूर
(हाइकु कोश)