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Wednesday, June 21, 2023

अधिक बातें

अधिक बातें
बेमतलब हँसी
उलझे रिश्ते

–मानोशी चटर्जी

अजब हैं ये

अजब हैं ये
दुनियावी रिश्ते भी
मौसम–जैसे

-डॉ. आरती स्मित

Tuesday, October 18, 2022

आँखों की नमी

आँखों की नमी
बंजर न होने दे
रिश्तों की ज़मीं
-कृष्णा वर्मा

Sunday, October 09, 2022

अहम बढ़े

अहम बढ़े
विचार तार–तार
रिश्ते खण्डित
-डॉ. स्वर्णिमा सिन्हा

अहं की छौंक

अहं की छौंक 
बिगाड़ती ज़ायका 
बेस्वाद रिश्ते
-आराधना झा श्रीवास्तव

अहं की गर्मी

अहं की गर्मी 
रिश्तों का वटवृक्ष 
ठूँठ हो गया
-वीरेश अरोड़ा‘वीर’ग

Sunday, September 25, 2022

अपने रूठे

अपने रूठे
जग वालों के साथ
नाते यूँ टूटे!
-आनंद सिंघनपुरी

Thursday, August 11, 2022

अधिक बातें

अधिक बातें
बेमतलब हँसी
उलझे रिश्ते
-मानोशी चटर्जी
(हाइकु कोश)

अजब हैं ये

अजब हैं ये
दुनियावी रिश्ते भी
मौसम-जैसे
-डॉ.आरती स्मित
(हाइकु कोश)