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Monday, October 17, 2022

आँखों की क्यारी

आँखों की क्यारी
बोये नींद के बीज
सपने उगे
-डॉ. सरस्वती माथुर

आँखें जो मिलीं

आँखें जो मिलीं
अंकुरित हो उठा
स्नेह का बीज
-डॉ. मुकेश भद्रावले

Tuesday, September 27, 2022

अलग बीज

अलग बीज
अलग खाद पानी
फसल जुदा
-राजेन्द्र धस्माना

Wednesday, August 10, 2022

अंकुर नहीं

अंकुर नहीं
जीवन ही जीवन
बीजों से फूटे
-कमलेश भट्ट कमल
(हाइकु कोश)