अटका चाँद
नीम की डाली पर
बना पतंग
–नरेन्द्र मिश्रा
अकेला चाँद
साथ मेरे चलता
रात में डरे
–रमेश कुमार सोनी
रात ने मारा
चाँद के घर छापा
मिला प्रकाश
-अलंकार आच्छा
फूलों से सजी
कर न पाई शाख़
चाँद से बात !
-शांति शर्मा
निशा का जूड़ा
फूल टाँकता चाँद
कुढ़े चाँदनी।
-सुषमा चौरे
अमृत बाँट
चाँद रहा खामोश
सिंधु उछला
-पुष्पा मेहरा
अटका चाँद
नीम की डाली पर
बना पतंग
-नरेन्द्र मिश्रा
(हाइकु कोश)
अकेला चाँद
साथ मेरे चलता
रात में डरे
-रमेश कुमार सोनी
(हाइकु कोश)