अचेत नदी
बिन माँ के बच्चों–सी
सुबके रेत
-नरेन्द्र श्रीवास्तव
अनाथ बच्चे
समय से पहले
हुए सयाने
-शैलेन्द्र चौहान
आँखों में आ के
अक्सर तैर जाती
बच्चों की नाव
-पुष्पा जमुआर
अल्गोजा बजा
धुन पर थिरकें
हवा के बच्चे
-ममता मिश्रा
अलाव जले
कनटोपा लगाये
बच्चे निकले
-राजेन्द्र पुरोहित
अलार्म बजा
छोड़ जाते शिशु को
खत के साथ
-संतोष ढाँढनियाँ
अबोध शिशु
दौड़ता पकड़ने
निज छाया को
-शैल सक्सेना
अनाथ बच्चे
समय से पहले
हुए सयाने
-शैलेन्द्र चौहान
अत्यंत खुश
देखकर नन्हे को
तुतलाता हूँ
-डॉ. नरेन्द्र कल्ला
(हाइकु कोश)
अँधेरी रात
हनुमान चालीसा
पढ़ते बच्चे
-उमेश मौर्य
(हाइकु कोश)
अंकों की दौड़
बच्चे घरों में कैद
मैदान सूने
-रमेश कुमार सोनी
(हाइकु कोश)